समाचार सार :-

एक चौंकाने वाली घटना में मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्यमंत्री को एस्कॉर्ट (सुरक्षा में ले जाने) के बाद, पुलिसकर्मियों ने सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करते हुए चंडीगढ़ से भारी मात्रा में शराब भरवाई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।


मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित पुलिस टीम मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा थी और एस्कॉर्ट ड्यूटी पूरी करने के बाद वे चंडीगढ़ पहुंचे। वहां से एक सरकारी गाड़ी का उपयोग कर शराब की खेप ले जाई गई। इस दौरान किसी राहगीर या स्थानीय नागरिक ने उनका वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।


तस्वीरों और वायरल हुई वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी वर्दी में हैं और एक गाड़ी (जिस पर सरकारी नंबर प्लेट लगी है) में अवैध तरीके से शराब की पेटियां रखी जा रही हैं। वीडियो के सामने आते ही पुलिस विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया

प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस प्रशासन ने ASI (असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर) सहित 4 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
प्रवक्ता ने बताया कि विभाग इस मामले में कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहा है और आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। यदि दोष सिद्ध होता है तो आगे एफआईआर और गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।


घटना के बाद आम जनता और सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि

  • क्या पुलिस अब खुद शराब तस्करी में शामिल हो गई है?
  • क्या सरकार इस तरह के मामलों पर सिर्फ सस्पेंशन तक ही सीमित रहेगी?

इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
जहाँ एक ओर सरकार शराबबंदी, नशामुक्ति और ईमानदारी के संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा में लगे जवानों का ऐसा आचरण बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में सख्त उदाहरण पेश करता है या यह मामला भी कुछ दिनों में ठंडे बस्ते में चला जाएगा।